Tuesday, March 22, 2011

Aarohi turns 40 Days

40 days
मेरे घर आई एक नन्ही परी
चांदनी के हसीं रथ पे सवार

उसकी बातों में शहद जैसी मिठास
उसकी साँसों में इत्र की महकास
होंठ ऐसे के भीगे भीगे गुलाब
गाल जैसे के बहके बहके अनार
मेरे घर आई

उसके आने से मेरे आँगन में
खिल उठे फूल गुनगुनायी बहार
देख कर उसको जी नहीं भरता
चाहे देखूं उसे हजारों बार
मेरे घर आई

मैंने पूछा उसे कि कौन है तू
हँस के बोली कि मैं हूँ तेरा प्यार
मैं तेरे दिल में थी हमेशा से
घर में आई हूँ आज पहली बार
मेरे घर आई

0 comments:

Post a Comment

More...

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
 
Aarohi's Webspace . . . Copyright © 2012 Design by Ipietoon Blogger Template